उत्तराखंड में तेंदुए का आतंक, सांसद ने लोकसभा में उठाया मुद्दा, त्वरित कार्रवाई की मांग

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों (मानव-वन्यजीव संघर्ष) की गंभीर समस्या को लेकर गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 को लोकसभा में गंभीरता से मुद्दा उठाया।

सांसद बलूनी ने सदन में बताया कि गुलदार और भालू जैसे वन्यजीवों के लगातार हमलों के कारण राज्य के नागरिकों की जान जा रही है और बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं।

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लोकसभा में रखी गई मुख्य बातें

खतरे में जनजीवन: सांसद बलूनी ने कहा कि ग्रामीणों का घर से निकलना, बच्चों का स्कूल जाना, और महिलाओं का जंगल जाना (घास/चारा लेने) खतरे से खाली नहीं है, जिसके कारण पहाड़ों में अंधेरा होते ही ‘कर्फ्यू जैसे हालात’ बन गए हैं।

आंकड़ों पर चिंता: उन्होंने सदन को सूचित किया कि पिछले तीन हफ्तों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई है और 15 लोग घायल हुए हैं।

त्वरित कार्रवाई की मांग: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए त्वरित और कारगर रणनीति और कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता है ताकि जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

केंद्रीय मंत्री से मुलाकात: उन्होंने बताया कि इस विषय पर तुरंत और प्रभावी कदम उठाने के लिए उन्होंने कुछ दिनों पूर्व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव जी के समक्ष भी यह विषय रखा था।