राखी पर रोज़गार का तोहफ़ा, मेयर दीपक बाली ने बदली बहनों की ज़िंदगी

काशीपुर : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर काशीपुर में भाई-बहन के रिश्ते ने नई मिसाल कायम कर दी, नगर निगम काशीपुर के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाजपा के मेयर दीपक बाली की कलाई पर राखी बांधी और बदले में उन्हें मिला ऐसा तोहफ़ा, जिसने उनकी ज़िंदगी बदल दी। ये महिलाएं अपने हाथों से राखी तैयार करती हैं। रंग-बिरंगे धागों, मोतियों और सजावटी सामान से बनी ये राखियां वे एक छोटे से अस्थायी ठेले या जगह पर बैठकर बेचती हैं। कई सालों से उनका यही छोटा-सा व्यवसाय उनकी रोज़ी-रोटी का सहारा था।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काशीपुर दौरे के दौरान भी इन महिलाओं ने अपनी परेशानी बताई थी। उस समय मुख्यमंत्री ने मेयर दीपक बाली से कहा था कि इन बहनों को स्थायी, मजबूत और सुरक्षित जगह दी जाए,
ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना काम कर सकें। आज रक्षाबंधन के इस शुभ दिन पर मेयर दीपक बाली ने मुख्यमंत्री के उस वादे को हक़ीक़त में बदल दिया।


उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं के कच्चे स्टॉल अब पक्के और स्थायी बनाए जाएंगे। इससे उनका रोजगार सुरक्षित होगा और वे पूरे साल बिना किसी डर या असुविधा के अपना काम कर पाएंगी। इतना ही नहीं, मेयर ने शहर को स्वच्छ रखने में योगदान देने वाली महिलाओं के लिए भी तोहफ़ा दिया। जो महिलाएं डोर-टू-डोर जाकर हर घर से कूड़ा उठाने का काम करती हैं, उन्हें बेहतर संसाधन, सुविधाएं और कार्य-व्यवस्था दी गई। ताकि उनका काम आसान हो और शहर की सफ़ाई व्यवस्था और बेहतर हो सके। महिलाओं की आंखों में आज खुशी के आंसू थे। उन्होंने कहा कि राखी के दिन भाई से मिला यह तोहफ़ा उम्रभर याद रहेगा। यह केवल आर्थिक मजबूती का नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का तोहफ़ा है।